ये दिल और दुनिया

मेरी लिखावट दो शब्दों के दरमियाँ है माना मेरी पंक्ति में ज़रा सी कमियाँ है जब भी लिखता हूँ लिखने का जज़्बा कम नहीं होता दिल खोल…… Read more “ये दिल और दुनिया”