नशा हो तो ऐसा

यह दुनिया अब बन गयी है हरिवंश की मधुशालाहर किसी को नशा खींचता,खुद बन जाते हैं प्याला भर भर पीते जाम को उछाल उछालदम भर के धुएँ…… Read more “नशा हो तो ऐसा”