एक दिन का श्रोता

मैं हूँ एक भोला भाला सा इंसानरहता था सबसे अनजानदुनियादारी का थोड़ा ना था ज्ञानकम समझदारी से भी था हलाकानबहुत दिनो तक घर पे बैठा सोचा करताक्या…… Read more “एक दिन का श्रोता”